
Haryana news: हरियाणा सरकार के द्वारा राज्य के गरीब लोगों के लिए कई तरह की लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का गलत तरीके से लाभ लेने के लिए लोग फर्जीवाडे का सहारा लेते हैं। सरकार की योजनाएं निजी हाथों में असुरक्षित नजर आ रही हैं।
परिवार पहचान पत्र में कुछ ऐसा ही हो रहा है। लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र में आय भी बदलवा रहें हैं। जिले में पिछले दिनों सामने आए अनधिकृत आय सत्यापन व एफआईडीआर में परिवर्तन की जांच रिपोर्ट भी यही बात कह रही है।
हरियाणा परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण की जांच की रिपोर्ट में राज्य के झज्जर, करनाल, कुरुक्षेत्र के डीसीआरआईएम व जेडसीआरआईएम के नाम भी सामने आएं हैं। इस मामले में पुलिस की जांच अभी रूकी हुई हैं। पुलिस इस मामलें को लेकर अभी तक इतनी गंभीर नजर नहीं आ रही हैं।
एक सप्ताह में हजारों परिवारों की आय में किया गया बदलाव
जांच रिपोर्ट के अनुसार अब तक 7 डीसीआरआईएम व जेडसीआरआईएम के नाम सामने आ चुके हैं, जबकि नाम इससे अधिक भी हो सकते हैं। यही नहीं, अनुबंध के आधार पर सरकार के द्वारा नियुक्त किए गए इन अधिकारियों व कर्मचारियों ने 9 सितंबर से लेकर 17 सितंबर 2024 तक के बीच महज 7 दिन में 700 से अधिक परिवारों की आय में बदलाव कर दिया था।
इतना ही नहीं यह भी संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति मिलने के बाद मिले ओटीपी के माध्यम से ही किया गया। विभाग की लॉग इन गतिविधि की जांच की गई तो इसमें कुछ आईपी पते सामने आए हैं।
इनमें लॉग इन और लॅाग ऑन करने व ओटीपी का प्रयोग करने का दिन व समय भी दिया गया है। इस प्रकार से अब इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही हैं।
दर्ज की गई एफआईआर
अब तक की जांच में सामने आया है कि इस मामले का लिंक झज्जर से भी है। झज्जर के जेडसीआरआईएम के खिलाफ अब एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
इसके साथ क्रीड विभाग के कुछ अन्य कर्मचारीयों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। हरियाणा में परिवार पहचान पत्र के साथ में छेड़छाड़ का यह कोई नया केस नहीं हैं इससे पहले भी इस तरह के कई केस सामने आ चूके हैं।